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Life Changing Story In Hindi बदलाव की कहानी

 

Life Changing Story In Hindi
बदलाव की कहानी

नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है आज मैं आपको बहुत ही जबरदस्त कहानी बताने वाला हूं कि कैसे जाने अनजाने में हुई घटना हमारा जीवन बदल सकती है तो चलिए इस Inspiration Short Story
 को शुरू करते हैं।


2 best small moral story in hindi - Life changing stories in hindi


हमेशा परिवर्तन तभी होता है जब आपके पास कोई विकल्प नहीं होता है और जब आपके पास कोई विकल्प नहीं होता है तो सिर्फ आपके पास जो रास्ता होता है आप उसी पर चलते हैं और जब आप उसी रास्ते पर चलते हैं तो जीवन में आपको 

 

जीवन में लक्ष्य का महत्त्व – अगर किसी के साथ लक्ष्य की बात करें तो ज्यादातर लोग कहते हैं कि जीवन में लक्ष्य होना जरूरी है लेकिन उनमें से ज्यादातर लोग बस बातें करते हैं। आपको क्या लगता है ? क्या जीवन के लिए लक्ष्य जरूरी है? क्या लक्ष्य के बिना जीवन अधूरा है ? ऐसे भी तो जीवन चल ही रहा है फिर लक्ष्य के बारे में क्यों सोचें ? तो आइये आपको बताते हैं कि जीवन में लक्ष्य का महत्त्व और लक्ष्य का होना क्यों जरूरी है :-

लक्ष्य के बारे में साधारण शब्दों में आपको समझा सकूँ इसके लिए मैं जिंदगी को सड़क और आपको एक यात्री के रूप में प्रस्तुत करूँगा। अब मान लीजिये आप अपनी कार में बैठ कर एक सफ़र पर निकल पड़े हैं। आपको यह नहीं पता कि आपको जाना कहाँ है?

तो भाई साहब या बहन जी इस से पहले आप ये सोचिये कि क्या आप जो जीवन जी रहे हैं उसका कोई लक्ष्य है? मतलब क्या आपको पता है कि आप कहाँ जाने वाले हैं?

तो आगे बढ़ते हैं, मान लीजिये आप एक कार में एक सफ़र पर निकले हैं तो आपके साथ क्या होगा?

अगर आप किसी और की कार चला रहे हैं तो आपको कार मालिक की मर्जी से चलाना होगा। क्योंकि अपनी मर्जी से चलाने के लिए अपनी कार का होना जरूरी है।

और मान लेते हैं कि कार आपकी ही है तो?

तो क्या होगा?

फिर आप कार अपनी मर्जी से चलाएंगे।

आपको जब रास्ते में जाम मिलेगा तब आप क्या करेंगे?

जाहिर सी बात है आप वहां इंतजार न करते हुए अपना रास्ता बदल लेंगे। जब तक इंधन रहेगा आप कार चलाएंगे लेकिन जब ख़त्म हो गया तब?

तब आप क्या करेंगे?

अगर कोई पेट्रोल पंप पास में हुआ तो आप कार में पेट्रोल डलवा ही लेंगे। अगर पेट्रोल पंप न हुआ तो? तब तो आपको पैदल ही चलना पड़ेगा और पैदल भी आप कितनी दूर चेलेंगे जब आपको यही न पता होगा कि आपको जाना कहाँ है?

लक्ष्य के बारे में साधारण शब्दों में आपको समझा सकूँ इसके लिए मैं जिंदगी को सड़क और आपको एक यात्री के रूप में प्रस्तुत करूँगा। अब मान लीजिये आप अपनी कार में बैठ कर एक सफ़र पर निकल पड़े हैं। आपको यह नहीं पता कि आपको जाना कहाँ है?

तो भाई साहब या बहन जी इस से पहले आप ये सोचिये कि क्या आप जो जीवन जी रहे हैं उसका कोई लक्ष्य है? मतलब क्या आपको पता है कि आप कहाँ जाने वाले हैं?

तो आगे बढ़ते हैं, मान लीजिये आप एक कार में एक सफ़र पर निकले हैं तो आपके साथ क्या होगा?

अगर आप किसी और की कार चला रहे हैं तो आपको कार मालिक की मर्जी से चलाना होगा। क्योंकि अपनी मर्जी से चलाने के लिए अपनी कार का होना जरूरी है।

और मान लेते हैं कि कार आपकी ही है तो?

तो क्या होगा?

फिर आप कार अपनी मर्जी से चलाएंगे।

आपको जब रास्ते में जाम मिलेगा तब आप क्या करेंगे?

जाहिर सी बात है आप वहां इंतजार न करते हुए अपना रास्ता बदल लेंगे। जब तक इंधन रहेगा आप कार चलाएंगे लेकिन जब ख़त्म हो गया तब?

तब आप क्या करेंगे?

अगर कोई पेट्रोल पंप पास में हुआ तो आप कार में पेट्रोल डलवा ही लेंगे। अगर पेट्रोल पंप न हुआ तो? तब तो आपको पैदल ही चलना पड़ेगा और पैदल भी आप कितनी दूर चेलेंगे जब आपको यही न पता होगा कि आपको जाना कहाँ है?

लक्ष्य के बारे में साधारण शब्दों में आपको समझा सकूँ इसके लिए मैं जिंदगी को सड़क और आपको एक यात्री के रूप में प्रस्तुत करूँगा। अब मान लीजिये आप अपनी कार में बैठ कर एक सफ़र पर निकल पड़े हैं। आपको यह नहीं पता कि आपको जाना कहाँ है?

तो भाई साहब या बहन जी इस से पहले आप ये सोचिये कि क्या आप जो जीवन जी रहे हैं उसका कोई लक्ष्य है? मतलब क्या आपको पता है कि आप कहाँ जाने वाले हैं?

तो आगे बढ़ते हैं, मान लीजिये आप एक कार में एक सफ़र पर निकले हैं तो आपके साथ क्या होगा?

अगर आप किसी और की कार चला रहे हैं तो आपको कार मालिक की मर्जी से चलाना होगा। क्योंकि अपनी मर्जी से चलाने के लिए अपनी कार का होना जरूरी है।

और मान लेते हैं कि कार आपकी ही है तो?

तो क्या होगा?

फिर आप कार अपनी मर्जी से चलाएंगे।

आपको जब रास्ते में जाम मिलेगा तब आप क्या करेंगे?

जाहिर सी बात है आप वहां इंतजार न करते हुए अपना रास्ता बदल लेंगे। जब तक इंधन रहेगा आप कार चलाएंगे लेकिन जब ख़त्म हो गया तब?

तब आप क्या करेंगे?

अगर कोई पेट्रोल पंप पास में हुआ तो आप कार में पेट्रोल डलवा ही लेंगे। अगर पेट्रोल पंप न हुआ तो? तब तो आपको पैदल ही चलना पड़ेगा और पैदल भी आप कितनी दूर चेलेंगे जब आपको यही न पता होगा कि आपको जाना कहाँ है?

 कभी कभी हम किसी के लिए,

                                                             उतना जरुरी भी नहीं होते,
                                                               जितना हम सोच लेते हैं.

 

 

 

 


 

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