जीवन के कुछ रास्ते पानी की तरह होती है, रुक गए तालाब में जाकर तो महेक जाते है, अगर चलते रहे तो नदी की उस धारा की तरह सुगंधित हो जाते है
हम इस दो लाइन के माध्यम से अपने विचार को व्यक्त करना चाहता हूँ जीवन के कुछ रास्ते पानी की तरह होती है,यानि हम अपने लाइफ में जब तक सिख रहे होते है तब तक हम पानी की धारा की तरह बह रहे होते है | जैसे जब हम गुरु के पास जा रहे होते है सिखने के लिए तब तक हम कुछ न कुछ नयी नयी बाते सिख रहे होते है और हमारे जीवन का रफ़्तार तेजी से विकसित हो रहा होता है और रुक गए तालाब में जाकर तो महेक जाते है,यानि जब हम गुरु के पास जाना बंद कर देते है तब हम सीखना बंद कर देते है और वही से हमारी लाइफ का डिजास्टर सुरु हो जाता है और अगर हम चलते रहे तो नदी की उस धारा की तरह सुगंधित हो जाते है यानि अगर हम अपने जीवन में अगर गोइंग कंसर्न की तरह चलते रहे और हम लगातार सीखते रहे तो हम सुगन्धित हो जाते है |
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